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गर्म
प्रकृति

मेरे भोला गौरा के गांव चले लिरिक्स

मस्त मगन हो भोला बैठे करने लगे सिंगर माँ गौरा को लाने चले नंदी पे हो के सवार कर सोलाह सिंगार चले मेरे भोला गौरा के गांव चले नंदी पे बैठ के गाव चले मेरे भोला गौरा के गांव चले कानो मे भोला ने कुंडल पहन लय कुंडल पहन लय रे कुंडल पहन लय माथे पे चंद्रमा धारे चले मेरे भोला गौरा के गांव चले भोले के गले मे सर्पों की माला सर्पों की माला रे सर्पों की माला जटा से गंगा बहाते चले रे मेरे भोला गौरा के गांव चले कमर मे बांध ले मृग छाला बांध मृग छाला रे बांध मृग छाला अंग भभूति लगाते चले रे मेरे भोला गौरा के गांव चले सावन बरसे बिजूरिया चमके बिजूरिया चमके रे बिजूरिया चमके बादल बुँदे गिराते चले रे मेरे भोला गौरा के गांव चले
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