डिफ़ॉल्ट
गर्म
प्रकृति

हेरी सखी मंगल गावो री लिरिक्स

हेरी सखी मंगल गावो री, धरती अम्बर सजाओ री, आज उतरेगी पि की सवारी, हेरी कोई काजल लाओ री, मोहे काला टीका लगाओ री, उनकी छब से दिखूं में तो प्यारी, लक्ष्मी जी वारो , नजर उतारो, आज मेरे पिया घर आवेंगे चोख पुरावो, माटी रंगावो, आज मेरे पिया घर आवेंगे रंगो से रंग मिले, नए-नए ढंग खिले, खुशी आज द्वारे मेरे डाले है डेरा, पीहू पीहू पपीहा रटे, कुहू कुहू कोयल जपे, आँगन-आँगन है परियो ने घेरा, अनहद नाद. बजाओ रे सब-मिल, आज मेरे पिया घर आवेंगे ॥ खबर सुनाऊ जो, खुशी ये बताऊँ जो, आज मेरे पिया घर आवेंगे ॥
डिसक्लेमर: इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।

लोकप्रिय टैग

दुर्गा माता भजन और गीत | माँ शक्ति संग्रह भजन और भक्ति गीत संग्रह कृष्ण भजन और गीत | राधा-कृष्ण भक्ति संगीत संग्रह हनुमान भजन और गीत | बजरंगबली संग्रह राम भजन और गीत | प्रभु श्रीराम की स्तुति संग्रह