Default
Warm
Nature

बुध प्रदोष व्रत : महत्व, पूजा विधि और लाभ

shiv-parvati2
बुध प्रदोष व्रत कथा भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्ति के लिए की जाने वाली एक पौराणिक कथा है। इस कथा का विशेष महत्व प्रदोष व्रत के पालन में होता है। बुध प्रदोष व्रत मुख्य रूप से उन लोगों के लिए शुभ माना जाता है जो अपने जीवन में बुद्धि, सुख-शांति, और रोगों से मुक्ति की कामना करते हैं।

व्रत कथा

एक बार एक नगर में एक निर्धन ब्राह्मण और उसकी पत्नी रहते थे। ब्राह्मण शिवभक्त था और नियमित रूप से भगवान शिव का पूजन और व्रत करता था। ब्राह्मण की पत्नी भी उसका साथ देती थी, लेकिन उनकी निर्धनता के कारण दोनों बहुत कष्ट में जीवन व्यतीत कर रहे थे। एक दिन ब्राह्मण वन में लकड़ियां काटने गया। वहां उसने एक आश्चर्यजनक घटना देखी। एक नाग अपने बांस के नीचे फंसा हुआ था और अत्यंत कष्ट में था। ब्राह्मण ने नाग की सहायता की और उसे मुक्त कर दिया। नाग ने प्रसन्न होकर ब्राह्मण से कहा, "मैं नागलोक का राजा हूं। तुमने मेरी सहायता की है, इसलिए मैं तुम्हें एक वरदान देना चाहता हूं।" ब्राह्मण ने विनम्रता से कहा, "मैं भगवान शिव का भक्त हूं। मुझे वरदान में धन-संपत्ति की आवश्यकता नहीं है। आप मुझे भगवान शिव के बारे में कोई दिव्य ज्ञान दें।" नाग ने ब्राह्मण को बुध प्रदोष व्रत की महिमा बताई और इसे विधिपूर्वक करने की विधि समझाई। ब्राह्मण ने घर लौटकर अपनी पत्नी के साथ बुध प्रदोष व्रत करना आरंभ किया। कुछ समय बाद उनकी निर्धनता दूर हो गई। वे संपन्न और सुखी हो गए। उनके घर में धन, अन्न, और शांति का वास हुआ। इस घटना के बाद ब्राह्मण ने सभी को बुध प्रदोष व्रत करने की सलाह दी। उसने यह भी बताया कि इस व्रत को करने से सभी पाप समाप्त हो जाते हैं और जीवन में शांति और सुख प्राप्त होता है।

व्रत का महत्व

  1. बुध प्रदोष व्रत करने से व्यक्ति के बुद्धि-संबंधी समस्याओं का निवारण होता है।
  2. यह व्रत वैवाहिक जीवन में सुख और समृद्धि लाने वाला माना जाता है।
  3. शिवजी की कृपा से व्रत करने वाले को धन-संपत्ति और रोगों से मुक्ति प्राप्त होती है।

व्रत विधि

  1. प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  2. व्रत रखने का संकल्प लें।
  3. पूरे दिन उपवास करें और शाम के समय सूर्यास्त से पहले स्नान कर भगवान शिव की पूजा करें।
  4. भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, अक्षत, फल, और पंचामृत चढ़ाएं।
  5. शिवजी का ध्यान करते हुए "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करें।
  6. रात्रि में कथा सुनें और प्रदोष काल में शिवजी की आरती करें।
  7. व्रत का पारण अगले दिन करें।
विशेष लाभ
इस व्रत को विधिपूर्वक और श्रद्धा से करने पर व्यक्ति के जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं। बुध प्रदोष व्रत विशेष रूप से बुध ग्रह के अशुभ प्रभाव को शांत करने के लिए भी अत्यंत फलदायक माना गया है।
Upcoming Pradosh Vrat dates
  • 15 April 2026, Wednesday Budha Pradosh Vrat
  • 28 April 2026, Tuesday Bhauma Pradosh Vrat
  • 14 May 2026, Thursday Guru Pradosh Vrat
  • 28 May 2026, Thursday Guru Pradosh Vrat
  • 12 June 2026, Friday Shukra Pradosh Vrat
  • 27 June 2026, Saturday Shani Pradosh Vrat
  • 12 July 2026, Sunday Ravi Pradosh Vrat
Disclaimer: The accuracy or reliability of any information/content/calculations contained in this article is not guaranteed. This information has been collected from various mediums/astrologers/almanac/sermons/beliefs/religious scriptures and presented to you. Our aim is only to provide information, its users should consider it as mere information. Additionally, the responsibility for any use remains that of the user himself.

Popular Tags

Durga Mata Bhajans and Songs | Worship of Mother Shakti Bhajans and devotional songs collection Krishna Bhajans and Songs | Radha-Krishna Devotional Music Collection Hanuman Bhajans and Songs | Bajrangbali Collection Ram Bhajans and Songs | Collection of praises of Lord Shri Ram