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मराठी भजन - आई माझी मायेचा सागर लिरिक्स

durga
आई माझी मायेचा सागर दिला तिने जीवना आकार आई वडिल माझे थोर काय सांगू त्यांचे उपकार जीवनाच्या वाटेवरती किती अस्तो त्यांचा उपकार आई माझी मायेचा सागर .. तडपत्या उन्हात अन रखरखत्या रानात राहिली समाजासाठी तू ग कष्टाच्या गावात कधी मिडेल मुठभर घास कधी घड़े तुला उपवास वोल्या मातीतून चालताना सोडविले कट्याचेभास आई माझी मायेचा सागर .. रविची चांदनी तू ग चंदनाचा कोर शीतल तुझी छाया मला हवी जीवनभर तुझ्या शीतल छाये मधे उभा आयुष्य जगेल आई देवापाशी मी ग आई तुलाच ग मागेन आई माझी मायेचा सागर ..
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